K a r i s h m a

by Shweta Mishra April. 03, 2019 249 views
तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना

तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना

वह क्या मज़बूरिया होंगी...

समझने की बहुत कोशिश की एक वक़्त तक

किस्मत कहु या बदकिस्मती, जानती नहीं

सच्च ये हैं की मैंने तुम्हें खो दिया हैं

हालात कुछ ऐसे हैं, बया करू तो कैसे?

सम्झाने की बहुत कोशिश की एक वक़्त तक...

कभी कभी लगता है तुम यही तो हो..

पर सच्च ये हैं की मैंने तुम्हें खो दिया हैं

शाम होते ही मन कुछ डूब सा जाता हैं,

तुम्हारा ज़िक्र हर जगह हैं...

किस किस को समझाऊ तुम कितने याद आते हो...

किस किस को समझाऊ मैंने तुम्हें खो दिया हैं...

  Be the first to like this post
Join the conversation
0
Be the first one to comment on this post!
Up
Copyright @Photoblog.com