करिश्मा

by Shweta Mishra April. 03, 2019 589 views

वह क्या मज़बूरिया रही होंगी...

समझने की कोशिश की एक वक़्त तक

/

किस्मत कहु या बदकिस्मती, जानती नहीं

सच्च ये हैं की मैंने तुम्हें खो दिया हैं...

/

हालात अब कुछ ऐसे हैं, बया करू तो कैसे?

सम्झाने की बहुत कोशिश की एक वक़्त तक...

/

कभी-कभी लगता है तुम यही तो हो..

पर सच्च ये हैं की मैंने तुम्हें खो दिया हैं...

/

शाम होते ही मन कुछ डूब सा जाता हैं,

तुम्हारा ज़िक्र हर जगह हैं...

/

किस -किस को समझाऊ तुम कितने याद आते हो...

किस -किस को बताऊ मैंने तुम्हें खो दिया हैं...

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Bidya Jha 7 months, 3 weeks ago

Dil hi nikal k rakh diya aapne toh. ❤️

7 months, 3 weeks ago Edited
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